वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Top 11 Best Yoga for Weight Gain in Hindi

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन (Pranayama And Yoga for Weight Gain in Hindi) : एक ओर जहां दुनिया के अधिकतर लोग वजन बढ़ने से चिंतित हैं, वहीं लोगो का एक वर्ग ऐसा भी है जो अपने दुबलेपन को लेकर चिंतित हैं। वे लोग अधिक से अधिक खाते हैं और पूरे दिन बैठे रहते हैं, लेकिन फिर भी उनका वजन उतना ही रहता है। शरीर का कम वजन कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है।

यदि कोई व्यक्ति कम वजन का है, तो इसका मतलब है कि उसके शरीर को आवश्यक पोषण नहीं मिल रहा है। पोषण की अनुपस्थिति में, शरीर कमजोर होने लगता है और शारीरिक विकास की प्रक्रिया धीमी या बंद हो जाती है। कमजोरी का असर सबसे पहले शरीर के बाहरी हिस्से पर देखा जाता है।

इस लिए आज हम आपके लिए यह लेख लाए हैं वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Top 11 Best Yoga for Weight Gain in Hindi इस लेख में आप जानेगें की वो कौन से योगासन हैं जो पतलेपन से छुटकारा दिला सकते है

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन:

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

यह भी जाने :-

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन [Yoga for Weight Gain in Hindi]

  1. भुजंगासना योगासन (कोबरा मुद्रा) – (Bhujangasana cobra pose Yoga for Weight Gain in Hindi)
  2. वज्रासन योगासन (हीरा मुद्रा) – (Vajrasana diamond pose Yoga for Weight Gain in Hindi)
  3. सर्वांगासन योगासन (शोल्डर स्टैंड मुद्रा) – (Sarvangasana stand shoulder Pose Yoga for Weight Gain in Hindi)
  4. पवनमुक्तासन योगासन (पवन रिलीज मुद्रा) – (Pavanmuktasna Wind Relieving Pose Yoga for Weight Gain in Hindi)
  5. मत्स्यासन योगासन (मछली मुद्रा)- (Matsyasana Full fish Pose Yoga for Weight Gain in Hindi)
  6. सवासना योगासन ( शव पोज़) – (Savasana Corpse Pose Yoga for Weight Gain in Hindi)
  7. सूर्य नमस्कार योगासन – (Surya Namaskara Yoga for Weight Gain in Hindi)
  8. कपाल भाती प्राणायाम – (Kapal Bhati Pranayama Yoga for Weight Gain in Hindi)
  9. अनुलोम विलोम प्राणायाम – (Anulom Vilom Pranayama Yoga for Weight Gain in Hindi)
  10. धनुरासन योगासन (धनुष मुद्रा) – (Dhanurasana Pranayam Yoga for Weight Gain in Hindi)
  11. चक्रसाना योगासन (व्हील पोज) – (Chakrasana Pranayam Wheel Pose Yoga for Weight Gain in Hindi)

स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने में एक पौष्टिक आहार और योग के महत्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। निश्चित रूप से, इन तरीकों से त्वरित सुधार, कृत्रिम उपचार की तुलना में परिणाम दिखाने में अधिक समय लगता है लेकिन कम से कम, वे आपके शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं।

नीचे, इस लेख में हम निश्चित रूप से बात करेंगे कि वजन बढ़ाने के लिए बाबा रामदेव योग (Baba Ramdev Yoga For Weight Gain), उन व्यक्तियों को सलाह देते हैं जो एक सुरक्षित और स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने (Weight Gain) की आशा कर रहे हैं।

आइए सबसे पहले बात करते हैं वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन जिन्हें आप शरीर पर वजन बढ़ाने के लिए अभ्यास कर सकते हैं। वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन Yoga for Weight Gain in Hindi निम्नानुसार हैं:

1. भुजंगासन योगासन (कोबरा मुद्रा) – (Bhujangasana cobra pose Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में भुजंगासन योग कैसे लाभदायक है –

दुबलेपन की समस्या से छुटकारा पाने के लिए भुजंगासन किया जा सकता हैं। यह आसन आपको अपने पेट और पीछे के क्षेत्र में मांसपेशियों को टोन और मजबूत करने में मदद करता है। यह आसन पाचन तंत्र पर सीधे काम करता है, इस आसन को करने से चयापचय को सही करने में मदद मिलती है, जिससे भूख में सुधार होता है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में भुजंगासन योग करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. सबसे पहले योग मेट बिछा कर उस पर पेट के बल लेट जाएं।
  2. अपने पैरों को उंगलियों के बल टिका लें या पैर के तलवो को उपर छत की ओर करके रखें।
  3. अपने पैरों को एकसाथ सीधा और खुला रखें।
  4. हाथों की हथेलियों को छाती के पास कंधों या सिर के दोनों तरफ रखें।
  5. अपने मस्तक या माथे को जमीन पर सीधा रखें।
  6. अब आपको एक गहरी सांस लेते हुए, अपने ऊपरी शरीर को ऊपर की ओर उठाना है।
  7. आपको पहले सिर, फिर छाती और अंत में नाभि तक के क्षेत्र को ऊपर उठाना होगा।
  8. इसके लिए अपनी हाथों की हथेलियों को अपने कंधों के बराबर रखते हुए, हाथों से जमीन की ओर दबाव डाल कर नाभि तक के शरीर को ऊपर उठाने का प्रयास करें।
  9. अब दोनों हाथों को सीधा करें और गर्दन उठाते हुए आकाश की ओर देखने का प्रयास करें और 15-30 सेकेंड के लिए इसी स्थिति में रहें।
  10. अपने शरीर का भार दोनों हाथों पर बराबर बना कर रखें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  11. ध्यान रहे की आपके पेट या नाभि से नीचे शरीर का सारा हिस्सा जमीन से नहीं उठना चाहिए।
  12. आराम से पीठ को जितनी मोड़ सकें उतनी ही मोड़ें, जबरदस्ती या क्षमता से ज़्यादा जोर ना लगाए। अब धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ें और अपनी प्रारंभिक अवस्था में लौट आएं।

2. वज्रासन योगासन (हीरा मुद्रा) – (Vajrasana diamond pose Yoga for Weight Gain in Hindi):

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में वज्रासन योग कैसे लाभदायक है –

यह वजन बढ़ाने (Weight Gain) के लिए बहुत अच्छा योग माना जाता है क्योंकि यह पाचन में सुधार करने में मदद करता है, विशेष रूप से पोषक तत्वों का अवशोषण करने के लिये। इसलिए, यह मूल रूप से आपके शरीर को पोषण को बेहतर ढंग से लेने में मदद करता है और मांसपेशियों में वृद्धि के लिए इसका उपयोग करता है।

इसे वज्र आसन के नाम से भी जाना जाता है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में वज्रासन योग करने की प्रक्रिया-

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

करने की प्रक्रिया :

  1. जमीन पर शरीर को सीधा करके घुटनों के बल बैठ जाएं।
  2. अपने पैरों के घुटनों को मोड़ें ओर निचले पैरों को पीछे की ओर खींचते हुए उन्हें एक साथ रखें।
  3. अब इस स्थति में आपके पैर की बड़ी उंगलियां ओर अंगूठे एक दूसरे से मिलने चाहिए और दोनों पैर की एड़ियां अलग-अलग होनी चाहिए ।
  4. अब घुटनों को मोड़कर इस तरह से बैठ जाए कि आपके नितंब (Hips) दोनों एड़ियों के बीच में आ जाएं, दोनों पैरों के अंगूठे आपस में मिले रहें और एड़ियों में अंतर भी बना रहे।
  5. अपने सिर और कमर को सीधा रखें।
  6. अब अपने दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रखें और दृष्टि बिल्कुल सामने की ओर रखें।
  7. अपनी आंखें बंद कर लें और दिमाग को शांत रखें, और अपनी सांसों की गति पर ध्यान केंद्रित करे, इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आप कैसे सांस ले रहे हो सांस आने और जाने पर बराबर ध्यान बनाए रखें।
  8. यदि आप योग करना शुरू कर रहे हैं, तो इसे शुरू में केवल 5–10 मिनट के लिए करें।
  9. इसके बाद इसमें अभ्यस्त हो जाने पर अपने समय को बढ़ाकर 20 से 30 मिनट तक कर सकते हैं।
  10. वज्रासन को जितना संभव हो उतना लंबे समय तक करें – पाचन को बढ़ाने के लिए कम से कम 5 मिनट के लिए यह आसन अवस्य करें, खासकर भोजन करने के तुरंत बाद।

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3. सर्वांगासन योगासन (शोल्डर स्टैंड मुद्रा) – (Sarvangasana stand shoulder Pose Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में सर्वांगासन योग कैसे लाभदायक है –

यह योगासन हाइपरथायरायडिज्म वाले लोगों की मदद करता है और यह हार्मोनल डिसऑर्डर से जुड़े वजन लॉस को कम करने में भी मदद करता है। रक्त और ऑक्सीजन के परिसंचरण में सुधार के लिए सर्वांगासन एक प्रभावी आसनो में से एक है। रक्त का संचार शरीर में पोषक तत्वों को बढ़ावा देता है, जो शरीर के सभी अंगों का पोषण करता है।

शरीर में ऊर्जा और शक्ति के लिए आप नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास कर सकते हैं। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में सर्वांगासन योग करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. सबसे पहले स्वच्छ खुले वातावरण में एक योग मैट बिछा लें।
  2. जिससे इस आसन को करते समय शरीर को स्वच्छ ऑक्सीजन मिले।
  3. अब इस आसन को करने के लिए योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं।
  4. दोनों हाथ और पैर सीधे जमीन पर होने चाहिए।
  5. हथेलियों को जमीन की तरफ रखें ,और दोनों पैर एक दूसरे से सीधे सटे होने चाहिए।
  6. अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए दोनों पैरों, कूल्हों और कमर को धीरे-धीरे ऊपर की तरफ उठाएं।
  7. अब अपनी कमर और पीठ को ऊपर की ओर उठाने के लिए दोनों हाथों की कोहनी को जमीन पर रखें और हथेलियों से अपनी कमर को सहारा दें।
  8. ध्यान रहे कि इसको करते समय आपके दोनों पैर सीधे रहें, अपने घुटनों को मोड़ने न दें।
  9. इस आसन में शरीर का पूरा भार कंधों और सिर पर होगा।
  10. इसे करते समय ठोड़ी को छाती से स्पर्श कर के रखें।
  11. अपने कंधे से कोहनी तक के क्षेत्र को जमीन के करीब रखें और अपने चेहरे को आकाश या पैरों के अंगूठे की ओर रखें।
  12. अपने शरीर को स्थिर करें और अपनी क्षमता के अनुसार कुछ देर तक इस मुद्रा में बने रहें।
  13. सांस को सामान्य रखें।
  14. सर्वांगासन से बाहर आने के लिए, कमर और पैरों को धीरे-धीरे नीचे लाएं और अपने हाथों को जमीन पर रखें।
  15. अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

4. पवनमुक्तासन योगासन (पवन रिलीज मुद्रा) – (Pavanmuktasna Wind Relieving Pose Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में पवनमुक्तासन योग कैसे लाभदायक है –

यह योगासन रक्त परिसंचरण को बढ़ाकर पेट के अंगों को संकुचित करता है। यह आसन पेट से सभी गैसों को छोड़ने में मदद करता है जिससे पाचन में सुधार होता है। इससे कब्ज, अपच और सूजन से राहत मिलती है। अंततः इसलिए, मूल रूप से, पाचन में सुधार आपको वजन बढ़ाने (Yogasana For Weight Gain) में मदद करता है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में पवनमुक्तासन योग करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. अपने पाचन सुधारने के लिए पवनमुक्तासन करे।
  2. सबसे पहले अपनी योग चटाई पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
  3. अपने घुटनो को मोड़ें और अपनी जाँघों को छाती की ओर लाएँ।
  4. घुटनों के ठीक नीचे दोनों हाथों की उंगलियों को एक-दूसरे से आपस में फंसा कर पकड़ें ले।
  5. अब “पवनमुक्तासन” अथार्त  एक गहरी श्वास भर कर बहार छोड़ें।
  6. अब सांस छोड़ते हुए हुए दोनों घुटनों को दबा कर जितना संभव हो सके छाती की तरफ लाएं।
  7. अपने सिर को जमीन से ऊपर उठाएं और नाक को घुटने से छूने का प्रयास करेंगे।
  8. अब 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में थोड़ी देर रुके रहें और लंबी गहरी साँसे लेते रहें।
  9. अपने पैरों को खिंच कर रखे और एड़ियो को कुल्हे से लगा कर पैरों के पंजो को निचे की तरफ तने हुए रखें।
  10. फिर धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए सिर और पैरों को पहले की स्थिति में लाएं।
  11. पवनमुक्तासन के सभी चरणों के साथ अपनी ओर से कोई बदलाव न करें। गैस को पाचन तंत्र से बाहर निकालने के लिए इस आसन के सभी चरणों का क्रमबद्ध अभ्यास करना महत्वपूर्ण है।

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5. मत्स्यासन योगासन (मछली मुद्रा) – (Matsyasana Full fish pose Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में मत्स्यासन योग कैसे लाभदायक है –

यह आसन शरीर के वजन को संतुलित करने में मदद करता है। मत्स्यासन मुद्रा रक्त परिसंचरण का प्रबंधन करती है। यह रीढ़ की हड्डी की ताकत और शरीर के समग्र संतुलन को बहाल कर सकता है और शरीर की मुद्रा में सुधार करता है। मत्स्यासन एक मध्यवर्ती सुपर हिप ओपनर है। यह उन लोगों के लिए एक अच्छा आसन है जो अपने कुल्हो का विस्तार करना चाहते है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में मत्स्यासन योग करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. सबसे पहले अपनी योग चटाई बिछा कर उस पर दंडासन मुद्रा में बैठें।
  2. सांस लेते हुए दोनों पैरों को उठाकर पद्मासन मुद्रा में ले आएं।
  3. अब धीरे-धीरे पीठ को पीछे की ओर ले जाएं। जमीन पर कोहनी को टीकाकर अपने धड़ को सहारा दे।
  4. सुनिश्चित करें कि शरीर का वजन कोहनी पर हो न कि सिर पर। जैसे ही छाती को उठाया जाता है, कंधे के ब्लेड को दबाने का प्रयास करें।
  5. अब गर्दन को लम्बा करते हुए सिर को जमीन की ओर झुकाएं और अपने पीठ और सिर को तब तक झुकाते रहें जब तक सिर जमीन से न छू जाए।
  6. अब अपने हाथों को ऊपर उठाएं और हाथों से अपने पैरो के अंगूठे को पकड़ें।
  7. अब अपनी दृष्टि को नाक पर बनाये रखें। यदि आपको ऐसा करने में कठिनाई होती है, तो आप अपनी दृष्टि को संतुलित भी रख सकते हैं।
  8. अपनी क्षमता के अनुसार, इस मुद्रा में 1 से 2 मिनट तक रहें। फिर मुद्रा से बाहर आने के लिए धीरे-धीरे पैरों को वापस प्रारभिक मुद्रा में लाएं। इस योग के प्रारंभ में कम समय लें (कम से कम 30 सेकंड भी पर्याप्त है) और धीरे-धीरे अभ्यास का समय बढ़ाएं।

6. शवासन योगासन (शव पोज़) – (Savasana Corpse Pose Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में शवासन योग कैसे लाभदायक है –

जैसा कि नाम से पता चलता है, शवासन, शव का एक संयोजन है- मृत शरीर या लाश और आसन-व्यायाम। लाश की तरह सोना। जैसे ही आप सीधे अपनी पीठ पर लेट जाते हैं और अपनी श्वास को सामान्य करते हैं, सभी पोषक तत्व शरीर में ठीक से अवशोषित हो जाते हैं, और इस तरह बच्चों का वजन बढ़ता है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में शवासन योग करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. शवासन में, बस लेटना होता है। एक कुरसी या चटाई बिछाकर अपनी पीठ के बल लेट जाएँ। जरूरत पड़ने पर अपनी गर्दन के नीचे एक छोटा तकिया रखें। अपनी आँखें बंद करें।
  2. दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 4-5 इंच दूर रखें।
  3. अपने पैरों को आराम से फैलाएं, दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें। दोनों पैरों की अंगुलियां एक दूसरे के विपरीत होनी चाहिए।
  4. हथेलियों को आकाश की ओर रखें और अपने हाथों को शरीर के साथ रखें लेकिन अपने शरीर को न छुएं।
  5. अपना ध्यान धीरे-धीरे शरीर के हर हिस्से पर लगा लें और अपने पूरे शरीर को आराम दें, एवम सम्पूर्ण शरीर को ढीला छोड़ दें।
  6. अपनी आँखें बंद करें। अब थोड़ी सांस लें। धीमी और गहरी सांस लें और हर सांस का आनंद ले। अपने मन में उत्पन्न होने वाली उत्तेजना, जल्दबाजी या किसी भी बात पर ध्यान न दें। बस अपने तन और मन के साथ रहें। अपने पूरे शरीर को पृथ्वी पर समर्पित करें और आराम करें। इस बात का ध्यान रखें कि इस आसन को करते समय आपको नींद न आ जाए।
  7. अब अपना सारा ध्यान अपनी सांसों पर केंद्रित करें।
  8. कम से कम 5 से 10 मिनट के लिए इसी स्थिति में रहें फिर जब आप पूर्णता का अनुभव करते हैं, तो आप धीरे-धीरे अपनी आँखें खोल सकते हैं।
  9. अब उठो और अपने दाहिने हाथ के सहयोग से बैठ जाए।
  10. इस मुद्रा के अंत में सांस लेने पर ध्यान दें। अपने हाथों और पैरों की उंगलियों को हल्के से हिलाना शुरू करें, फिर अपनी कलियों को घुमाएं। अब अपने हाथ ऊपर उठाएं और अपने सम्पूर्ण शरीर को खिचाव या स्ट्रेचिंग दे और धीरे-धीरे उठकर आलथी-पालथी मार कर बैठ जाएं।

7. सूर्य नमस्कार योगासन – (Surya Namaskara Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में सूर्य नमस्कार योग कैसे लाभदायक है –

यह आसन आपके पूरे शरीर को एक गहन शक्ति प्रदान करता है और बेहतर शरीर की प्रक्रियाओं को स्वस्थ बनाता है और वजन हासिल करने में मदद करने के लिए शरीर की मांसपेशियों को टोन करता हैं। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में सूर्य नमस्कार योग करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  • प्रणामासन (Pranamasana – The Prayer Pose) :

सूरज की ओर चेहरा करके सीधे खड़े हो जाये और दोनों को पैरों को आपस में मिलाएं, कमर को सीधी रखें। अब अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाते हुए गहरी साँस लें अब हाथों को छाती के पास लाएं और दोनों हथेलियों को मिलाएं और प्रार्थना प्रणाम की स्थिति बनाएं और जब आप उन्हें एक साथ नमस्कार मुद्रा में लाएँ तब साँस छोड़ें।

  • हस्तउत्तनासन (Hasta Uttanasana – Raised Arms Pose) :

पहली अवस्था में ही खड़े रहकर अपने हाथों को सिर के ऊपर पीछे की ओर उठाएं और धीरे-धीरे श्वास लें और अपने बाइसेप्स को कानों के करीब लाएं, इससे पूरे शरीर में खिंचाव होना चाहिए। अब प्रणाम की अवस्था में हाथों को पीछे ले जाते हुए शरीर को भी पीछे की ओर ले जाएं। इस मुद्रा या आसन को अर्ध चंद्रासन भी कहा जाता है।

  • पादहस्तासन (Padahastasana – Standing Forward Bend) :

अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकते हुए अपने हाथों से पैरों के पंजों को स्पर्श करें।

शुरुआती लोगों के लिए टिप (Tip to Beginners) : हथेलियों को पैरों के पंजों को स्पर्श कराने के लिये आप घुटनों को मोड़ सकते हैं, यदि आवश्यक हो।

  • अश्व संचालनासन (Ashwa Sanchalanasana – Equestrian Pose) :

धीरे-धीरे साँस लेते हुए, एक पैर को जहाँ तक संभव हो पीछे की ओर ले जाएं, और दुसरे पैर को घुटने से मोड़ते हुए छाती के पास लाए, और पीछे वाले पैर का घुटना फर्श से मिलना चाहिए। हथेलियों को जमीन पर सीधा रखें और ऊपर आसमान की ओर देखें।

  • दंडासन (Dandasana – Staff Pose) :

अब सांस छोड़ते हुए अपने दुसरे पैर को भी पीछे की ओर लेकर आए और अपने पेरो और पूरे शरीर को एक सीध में लाएं, एवं अपने ऊपरी शरीर को अपनी हथेलियों पर संतुलित करें।

  • अष्टांग नमस्कार (Ashtanga Namaskara – Eight Limbed pose or Caterpillar pose)

अब सांस लेते हुए धीरे धीरे अपने घुटनों को फर्श पर ले आएं, कूल्हों को थोड़ा पीछे ले जाएं, आगे स्लाइड करें, अपनी छाती और ठोड़ी को फर्श पर टिकाएं। दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती और ठुड्डी (शरीर के आठ भाग) फर्श को छूना चाहिए।

  • भुजंगासन (Bhujangasana – Cobra Pose) :

अब अपने हाथो की हथेलियों और पेट को जमीन से मिलाते हुए सिर और गर्दन को जितना संभव हो सके ऊपर की ओर उठाते हुए पीछे की ओर ले जाएं। 

  • अधोमुख शवासन (Adho Mukha Svanasana – Downward-facing Dog Pose) :

इसके अभ्यास के लिए आपको साँस छोड़ते हुए, शरीर को एक उल्टे ’V’ मुद्रा में लाना है, इसके लिए अपने पैरों को जमीन पर सीधा रखें और कूल्हे और टेलबोन को ऊपर की ओर उठाएँ यदि संभव हो, तो एड़ी को ज़मीन पर रखने की कोशिश करें एवं कंधों को सीधा और सिर को हाथो के अंदर की ओर रखें।

  • अश्व संचालनासन (Ashwa Sanchalanasana – Equestrian Pose) :

धीरे-धीरे सांस लेते हुए, अब एक बार फिर से अश्व संचालनासन मुद्रा में आए लेकिन इस बार  दुसरे पैर को पीछे की की ओर ले जाएं, और दुसरे पैर को घुटने से मोड़ते हुए छाती के पास लाए, पीछे वाले पैर का घुटना फर्श से मिलना चाहिए। हथेलियों को जमीन पर सीधा रखें और ऊपर आसमान की ओर देखें।

  • पादहस्तासन (Padahastasana – Hand Under Foot Pose) :

अश्व संचालनासन मुद्रा से वापस सामान्य स्थिति में आने के पश्चात अब वापस पादहस्तासन की मुद्रा में आएं और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकते हुए अपने हाथों से पैरों के पंजों को स्पर्श करें।

  • हस्तउत्तनासन (Hasta Uttanasana – Raised Arms Pose) :

पादहस्तासन मुद्रा से बहार आने के बाद एक बार फिर से हस्तउत्तनासन मुद्रा में आए, इसके लिए पहली अवस्था में ही खड़े रहकर अपने हाथों को सिर के ऊपर पीछे की ओर उठाएं और धीरे-धीरे श्वास लें और अपने बाइसेप्स को कानों के करीब लाएं, और एक बार फिर से प्रणाम की अवस्था में हाथों को पीछे ले जाते हुए शरीर को भी पीछे की ओर ले जाएं।

  • प्रणामासन (Pranamasana – The Prayer Pose) :

हस्तउत्तनासन आसन से सामान्य स्थिति में लौटने के बाद, एक बार फिर, सूरज की ओर चेहरा करके सीधे खड़े हो जाये और प्रणामासन को दोहराए।

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8. कपालभाती प्राणायाम – (Kapal Bhati Pranayama Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में कपालभाती प्राणायाम कैसे लाभदायक है –

यह पेट और पाचन संबंधित विकारों को ठीक करने में बहुत मददगार है। यह अग्न्याशय के कामकाज में सुधार करने में मदद करता है, और यह इंसुलिन हार्मोन के प्राकृतिक स्राव में मदद करता है।

इतना ही नही यह आपके सिस्टम से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और इसलिए यह आसन एक आदर्श शरीर के वजन को बनाए रखने में मदद करता है। यह योग अभ्यास न केवल शरीर को शुद्ध करता है बल्कि विभिन्न शारीरिक और मानसिक बीमारियों से भी मुक्त करता है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में कपाल भाती प्राणायाम करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. सर्वप्रथम योग चटाई पर आराम से बैठ जाये।
  2. अब हाथों को घुटनों पर ज्ञान मुद्रा में रखें और सिर एवम रीड की हड्डी को सीधा रखे।
  3. अब अपनी आँखों को बंद कर लें और सम्पूर्ण शरीर को ढीला छोड़ दें।
  4. अब दोनों नाक के गुहाओं से गहरी सांस लें और पेट की मांसपेशियों को सिकोड़ते हुए सांस छोड़ें। लेकिन सांस छोड़ते समय बहुत ज्यादा जोर न लगा दें, सावधान रहें।
  5. अब जब आप फिर से सांस ले, तो पेट की मांसपेशियों पर बिना किसी प्रयास के सांस लेवे। एवं आराम से सांस लें, इसमें कोई जोर न करें।
  6. शुरू में कम से कम दस बार सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया करें। इस किर्या को 4 से 5 बार दोहराएं।

9. अनुलोम विलोम प्राणायाम – (Anulom Vilom Pranayama Yoga for Weight Gain in Hindi):

प्राण वह शक्ति है जो हमारे शरीर को जीवित रखती है और हमारे मन को शक्ति प्रदान करती है। इसलिए ‘जीवन’ का तात्पर्य हमारी जीवन शक्ति और ‘आयाम’ के साथ नियमितीकरण से है। अत: प्राणायाम का अर्थ है अपने प्राणों को नियमित करना।

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में अनुलोम विलोम प्राणायाम कैसे लाभदायक है –

फेफड़े अनुलोम विलोम से मजबूत होते हैं एवं यह आसन फेफड़ों में सहनशक्ति का निर्माण करता है। यह मांसपेशियों के लिए भी एक अच्छा योगासन माना जाता है। कई योग गुरु भी मानते हैं कि अनुलोम विलोम प्राणायाम गठिया के लिए भी फायदेमंद है, जो हमे एक स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करता है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में अनुलोम विलोम प्राणायाम करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. एक योग चटाई पर ध्यान करने की मुद्रा में बैठे। अपनी रीढ़ और गर्दन को सीधा रखें और अपनी आँखें बंद करें।
  2. इस क्षण के लिए बाहर का सब कुछ अपने मन से साफ़ करें।
  3. अपने बाहरी कलाई को अपने घुटनों पर आराम से शुरू करें।
  4. अपने दाहिने हाथ का उपयोग करके, अपनी हथेली की ओर अपनी मध्य और तर्जनी को मोड़ो।
  5. अपने अंगूठे को अपनी दाईं नासिका पर और अपनी अनामिका को बाईं नासिका पर रखें।
  6. अपने बाएं नथुने के माध्यम से अपने दाहिने नथुने को बंद करें और अपने बाएं नथुने के माध्यम से धीरे-धीरे और गहराई तक, जब तक कि आपके फेफड़े भरे न हों। अपनी श्वास पर ध्यान दें।
  7. इसके बाद, अपना अंगूठा छोड़ें और अपनी अनामिका से अपनी बाईं नासिका को बंद करें।
  8. दाहिनी नासिका से धीरे-धीरे साँस छोड़ें।
  9. अब इसे उल्टा करें, इस बार दाहिने नथुने से साँस लें और बाएँ से साँस छोड़ें।
  10. पूरी प्रक्रिया के दौरान, अपनी सांस लेने के प्रति सचेत रहें और यह शरीर और दिमाग दोनों को प्रभावित करता है।

10. धनुरासन योगासन (धनुष मुद्रा) – (Dhanurasana Pranayam Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में धनुरासन योग कैसे लाभदायक है –

धनुरासन करने से आपकी भूख में सुधार होता है और यह शरीर से विषाक्त पदार्थों को निकालता है। यह भोजन के उचित पाचन में मदद करता है जो वजन बढ़ाने में मदद करता है। अपने पेट के बल लेट जाएं और अपने पैरों को घुटनों से मोड़ लें। हाथों से टखने को पकड़ें और शरीर को उतना ऊपर उठाएं जितना चित्र में दिखाया गया है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में धनुरासन योगासन करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  • धनुरासन करने के लिए, सबसे पहले, एक साफ हवादार जगह चुनें।
  • उसके बाद अपनी योग चटाई बिछाकर पेट के बल लेट जाएं। अपने नितंबों के बीच गैप रखें और दोनों हाथों को सीधा रखें।
  • अपने घुटनों को मोड़ते हुए सांस छोड़ें, अपनी एड़ी को अपने नितंबों के जितना करीब लाएं। और धनुषाकार होते हुए, अपनी एड़ियों को अपने हाथों से पकड़ें।
  • अब अपनी छाती को सांस लेते हुए जमीन से ऊपर ले जाएं।
  • अब पैरों को थोड़ा और ऊपर उठाएं और सांस लेते हुए अपनी एड़ियों को हाथ से खींचने की कोशिश करें।
  • इस दौरान, आपके घुटने आपके कूल्हों की चौड़ाई से अधिक चौड़े नहीं होते हैं।
  • एड़ियों को खींचते समय पेट के वजन का संतुलन बनाए रखें और सिर को बिल्कुल सीधा रखें।
  • आपके शरीर के लचीलेपन के आधार पर, आप अपने शरीर को आगे बढ़ा सकते हैं।
  • इस धनुषाकार मुद्रा का प्रदर्शन करते हुए सांस लेने और छोड़ने पर ध्यान दें।
  • जब तक संभव हो इस स्थिति में रहें।
  • प्रारंभिक अवस्था में वापस आने के लिए, धीरे-धीरे शरीर की मांसपेशियों को ढीला छोड़े और अपनी नितंबों और जांघों को जमीन की ओर लाएं।
  • अब शरीर के सामने के हिस्से को जमीन पर लाएं। इसके बाद, दोनों हाथों से एड़ी को छोड़ दें और अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

11. चक्रसान योगासन (व्हील पोज) – (Chakrasana Pranayam Wheel Pose Yoga for Weight Gain in Hindi):

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वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन – Pranayama And Yoga For Weight Gain in Hindi

वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में धनुरासन योग कैसे लाभदायक है –

चक्रासन मुद्रा में, पेट के साथ-साथ पीठ की मांसपेशियों में भी खिंचाव होता है और जिससे पेट के आंतरिक कामकाज में सुधार होता है और साथ ही पेट के अन्य आंतरिक अंगों में भी सुधार होता है। इस आसन के अभ्यास से भूख में भी सुधार होता है जो पेट के चारों ओर चर्बी विकसित किए बिना वजन बढ़ाने में सहायक होता है। तो आइये जानते है की वजन बढ़ाने के लिए प्राणायाम और योगासन में चक्रसा योग करने की प्रक्रिया-

करने की प्रक्रिया :

  1. अपनी योग चटाई बिछा कर पीठ के बल लेट जाएं।
  2. अब अपने पैरों को मोड़कर कर पैरों को जितना हो सके उतना अपने कूल्हों के करीब लाएं।
  3. अब अपने हाथों को अपने सिर या कंधे के पास ले जाएं और अपनी हथेलियों को जमीन से टिका लें।
  4. श्वास को अंदर की ओर लेते हुए पैरों पर वजन डालकर धीरे धीरे अपने कूल्हों को ऊपर की ओर उठाएं।
  5. इसके बाद हाथों पर वजन डालकर, कंधों को और फिर धड़ को ऊपर उठाएं और बाजुओं को धीरे धीरे सीधा करना शुरू करें।
  6. अब जब तक आपकी बाजु पूरी तरह से सीधी ना हो जाये तब तक ऊपर की और आये।
  7. ध्यान रखें कि हाथों के बीच की दूरी उतनी ही हो जितनी पैरों के बीच की दूरी हैं।
  8. पैरो को जमीन पर मजबूती से टिका कर रखें और जितना संभव हो सके अपनी पीठ को आप उतना मोड़ सकते हो।
  9. कम से कम 15-20 सेकंड के लिए इस मुद्रा में रहने का प्रयास करें।
  10. इस मुद्रा से वापस आने के लिए, अपने घुटनों और कोहनियों को मोड़ें, अपना सिर नीचे करें।
  11. फिर अपने कूल्हों को फर्श पर वापस लाएं और आराम करें।

यहाँ बताये गये सभी योग आसन मूल रूप से आंतरिक उपचार पर केंद्रित है। योगासन सभी आंतरिक अंगो को साफ, और उनकी दक्षता में सुधार करते है।

  • हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि उपरोक्त प्रदर्शन करने के साथ-साथ, आपके पास एक ऐसा आहार होना चाहिए जो विटामिन, फाइबर और बहुत सारे स्वस्थ प्रोटीन से समृद्ध हो। दूध और दूध से बने पदार्थ, ताजे फल, फलों के रस और नट्स का सेवन बढ़ाएं।
  • अपने चयापचय(मेटाबोलिस्म) को सक्रिय रखने के लिए हर दो से तीन घंटे के बाद एक छोटा भोजन लें।
  • अगर आप वजन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं तो भी भारी और वसा युक्त भोजन के बजाय भोजन को हल्का और पौष्टिक रखें।
  • हल्के व्यायाम के अभ्यास से अपने चयापचय(मेटाबोलिस्म) को सक्रिय करें।
  • इसके अलावा, आपके चिकित्सक से परामर्श करना और शरीर के कम वजन के सटीक कारण का पता लगाने के लिए भी उनकी मदद लेना आपके लिए वास्तव में महत्वपूर्ण है।
  • प्राणायाम और योगासन आपके वजन बढ़ाने की योजना में एक शक्तिशाली साथी के रूप में कार्य कर सकता है।

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