उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और फायदे [Udgeeth Pranayama Steps And Benefits in Hindi]

उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Udgeeth Pranayama Steps and Benefits in Hindi) : क्या आपको पता है उद्गीथ प्राणायाम करने का सही तरीका क्या है, अगर नहीं तो यहाँ हमने विस्तार में बताया है की उद्गीथ प्राणायाम कैसे करे और इसके फायदे क्या होते है।    

इसी लिए आज हम आपके लिए यह लेख लाये है, जिसे पढ़ने के बाद आपको यह ज्ञान हो जाएगा की उद्गीथ प्राणायाम कैसे करते है और उद्गीथ प्राणायाम के फायदे क्या होते है, तो चलिए शुरू करते है।

उद्गीथ प्राणायाम क्या है? (What is Udgeeth Pranayama in Hindi):

उद्गीथ प्राणायाम” निम्न सभी प्राणायामो में से अत्यधिक सरल है और यह एकाग्रता में सुधार करने में बहुत सहायक है। इसे ओमकारी जप के नाम से भी जाना जाता है जिसका अर्थ है ओम का जाप।

इसमें ओम का जाप करते हुए धीरे-धीरे श्वास लेना और सांस छोड़ना शामिल है। ओम का जाप करते हुए ओ उनसे 3 गुना लंबा होना चाहिए। यह प्रतिदिन 5 से 11 बार अभ्यास किया जा सकता है।

श्वसन की गति धीमी और सूक्ष्म होनी चाहिए कि आप स्वयं भी इसकी ध्वनि से अवगत न हों और यहाँ तक कि नासिका के सामने रखी रुई का टुकड़ा भी वायु के प्रभाव से बाहर न निकले।

यह प्राणायाम तनाव, चिंता, भय और नाराजगी से राहत दिलाने में बहुत सहायक है। अगर आप इस प्राणायाम का सोते समय अभ्यास करते है, तो इससे आपको किसी भी विकृत सपनों के बिना शांतिपूर्ण नींद आएगी।

प्रारंभ में, उद्गीथ प्राणायाम में, श्वास केवल नासिका में महसूस किया जा सकता है, लेकिन धीरे-धीरे इसे अंदर से गहरा महसूस किया जाएगा। अगर आप उद्गीथ प्राणायाम पहली बार कर रहे है तो उसका धीरे धीरे अभ्यास करे। आपका मन एकाग्रता की भावना विकसित करेगा और शरीर ओम की भावना से भर जाएगा। (यह भी पढ़े- नाड़ी शोधन प्राणायाम करने का तरीका और फायदे [Nadi Shodhana Pranayama Steps and Benefits in Hindi])

यहाँ निचे हमने विस्तार में उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका एवम कैसे करे विस्तार में बताया है जिसे आपको जानना चाहिए –

उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और फायदे - Udgeeth pranayama steps and benefits in Hindi
उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और इसके फायदे (Udgeeth Pranayama Steps And Benefits in Hindi)

उद्गीथ प्राणायाम के फायदे और लाभ (Benefits of Udgeeth Pranayama in Hindi):

1. यह उच्च रक्तचाप के खिलाफ बहुत प्रभावी है।

2. यह मेमोरी पावर और एकाग्रता में सुधार करता है।

3. यह उच्च रक्तचाप और किडनी के विकार को नियंत्रित करता है।

4. यह नींद और बुरे सपनों से संबंधित समस्याओं को ठीक करता है।

5. यह नर्वस सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को ठीक करता है।

6. यह एसिडिटी को ठीक करता है। (यह भी पढ़े- कमर दर्द के लिए योगासन [10 Effective Yoga & Exercise For Back Pain in Hindi])

7. यह तनाव, क्रोध और चिंता से छुटकारा दिलाता है।

8. यह मन को शांत करता है और स्थिरता लाता है।

9. यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है।

10. यह बालों का गिरना, समय से पहले सफ़ेद होना, झुर्रियों का दिखना और आँखों की रोशनी कम होना आदि से बचाता है।

11. यह चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाने में मदद करता है।

(यह भी पढ़े- कपालभाति प्राणायाम करने का तरीका और फायदे [Kapalbhati Pranayama Steps And Benefits in Hindi])

बाबा रामदेव द्वारा बताया गया उद्गीथ प्राणायाम करने का सही तरीका और विधि (Baba Ramdev Udgeeth Pranayama Step by Step Instructions in Hindi):

उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और विधि (How to do Udgeeth Pranayama in Hindi):

1. पद्मासन मुद्रा में बैठें। हम आपको अपनी रीढ़ की हड्डी के साथ सीधे बैठने की सलाह देते हैं। अपने चेहरे पर हल्की मुस्कान रखें।

2. अपने सम्पूर्ण शरीर को ढीला छोड़ दे और पीठ सीधी कर के योग में मगन हो जाये।

3. अपनी आँखे बंद करे फिर ध्यान की मुद्रा में बेठे और ओम शब्द का उच्चारण करते हुए सांस छोड़ें।

4. ओम जाप की लय के साथ ॐ की ध्वनी को सुनिश्चित करें।

5. व्यायाम का एक स्तर चुनें, आप आसानी से साथ रह सकते हैं और आराम से सांस ले सकते हैं।

6. श्वास लेते एवम साँस छोड़ते समय ॐ का जाप करना निर्धारित करें।

7. इस प्राणायाम को 9 से 10 बार दोहराए और आप इसे अपनी क्षमता के अनुसार बदल भी सकते हैं।

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उद्गीथ प्राणायाम करते समय क्या सावधानियां और एहतियात बरते (What Are The Precautions To Be Taken While Udgeeth Pranayama in Hindi):

1. एक खाली पेट पर अभ्यास किया जाना चाहिए।

2. गर्भवती महिलाओं द्वारा अभ्यास नहीं किया जाना चाहिए।

3. यदि आप व्यायाम के दौरान थकान महसूस करते हैं, तो थोड़ी देर के लिए आराम करें।

4. साँस लेना और साँस छोड़ने की प्रक्रिया धीमी और स्मूथ होनी चाहिए।

5. भोजन और इस प्राणायाम के बीच का अंतर 5 घंटे का होना चाहिए।

6. ताजी हवा में अभ्यास करना बेहतर है।

7. गलत मुद्रा में बैठकर प्राणायाम का अभ्यास न करें।

आशा है इन सभी गुणों को जान ने के बाद आपको कभी यह नहीं बोलना पड़ेगा की उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Udgeeth Pranayama Steps and Benefits in Hindi) क्या होते है।

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उम्मीद है आपको हमारा यह लेख उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Udgeeth Pranayama Steps and Benefits in Hindi) पसंद आया होगा ,अगर आपको भी उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Udgeeth Pranayama Steps and Benefits in Hindi) के बारे में पता है तो आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताये।

और अगर आपके घर परिवार में भी कोई उद्गीथ प्राणायाम कैसे करे और इसके फायदे (Udgeeth Pranayama Steps and Benefits in Hindi) के बारे में जानना चाहते है तो आप उन्हें भी यह लेख भेजे जिस से उन लोगो को भी उद्गीथ प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Udgeeth Pranayama Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता चलेगा।

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