सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे [Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) Steps and Benefits in Hindi]

सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां – Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) Steps, Benefits And Precautions in Hindi : वर्तमान समय में स्वस्थ रहने के लिहाज से, योग न केवल भारतीयों की बल्कि विदेशियों की भी पहली पसंद बन गया है। शरीर को बीमारियों और अन्य समस्याओं से बचाने के लिए प्राचीन शैली योग कुशल साबित हो सकता है।

योग किसी व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने में सहायक होता है। योग और प्राणायाम के विषयों पर कई बार वैज्ञानिक शोध भी हुए हैं, जिनमें इन को लाभकारी पाया गया है।

वैसे तो योग कई प्रकार के होते हैं लेकिन आज हम आपके लिए यह लेख लाये है, इस लेख में आप जानेगें की सुप्त मत्स्येन्द्रासन क्या है, सुप्त मत्स्येन्द्रासन कैसे करते है और सुप्त मत्स्येन्द्रासन के स्वास्थ्य लाभ एवं सुप्त मत्स्येन्द्रासन के फायदे क्या होते है और सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का सही तरीका क्या होता है, तो चलिए शुरू करते है।

Table Of Contents :

सुप्त मत्स्येन्द्रासन क्या है? [What is Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

सुप्त मत्स्येन्द्रासन लेट कर करने वाले योगासनों में से बहुत ही आसान आसन है। लेकिन इसके लाभ बहुत अद्भुत हैं। हर कोई यह आसन कर सकता है। यह 15 वीं शताब्दी के हठ योग प्रदीपिका में भी वर्णित है। यह एक बुनियादी स्तर का योग मुद्रा और एक आरामदायक आसन है जो आपके आंतरिक अंगों को खोलने में मदद करता है और रीढ़ की हड्डी को स्ट्रेच देता है और इसे लंबा और मजबूत बनाता है।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन शब्द संस्कृत से लिया गया है। जहा “सुप्त” का अर्थ है “लेटना”, मत्स्येन्द्र का अर्थ है “मछलियों के देवता” और “मत्स्येन्द्र एक योगी थे और भगवान शिव के छात्र थे”। “आसन” का अर्थ है योग “आसन” या “मुद्रा”।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन को रेकेलिंग लॉर्ड ऑफ़ द फिश पोज़, सुपाइन स्पाइनल ट्विस्ट पोज़ या रिक्लाइन स्पाइनल ट्विस्ट पोज़ (संतुलन को बढाने में मदद करने के लिए एक बढ़िया मुद्रा) और सुप्त जात्रा परिवर्तनासन भी कहा जाता है।

यह अर्ध मत्स्येन्द्रासन (हाफ लॉर्ड ऑफ़ द फिश पोज़) की आसान विविधताओं में से एक है।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने से पहले यह आसन करे [Perform This Asana Before Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

(यह भी पढ़े – तितली आसन करने का तरीका और फायदे [Titli Asana (Butterfly Pose) Steps And Benefits in Hindi])

सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का सही तरीका [Right Technique To Do Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

किसी भी आसन को करने के लिए आपको एक अच्छी जगह चुन नी चाहिए जहाँ आप योग का अभ्यास करने में बिल्कुल सहज महसूस करते हो, खुद को सहज महसूस करवाना योग का प्रारंभिक चरण है आइये जानते है सुप्त मत्स्येन्द्रासन कैसे करे –

सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Supine Spinal Twist Pose / Supta Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi):-

सुप्त मत्स्येन्द्रासन कैसे करें [How To Do Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

  • सुप्त मत्स्येन्द्रासन योगासन (Supine Spinal Twist Pose) करने के लिए सबसे पहले अपनी योग चटाई पर लेट जाएं और अपनी पीठ के बल सीधे हो जाएं। पैरों को फर्श से, घुटनों और पैरों को एक साथ उठाएं और भुजाओं को इस तरह खोलें कि वे कंधों के साथ एक सीधी रेखा बनाएं।
  • अब साँस छोड़ते हुए; योग चटाई पर पीठ के निचले हिस्से को धीरे से और अपने पैरों को फर्श पर आराम से दबाएं।
  • अब, दाईं टाँग को घुटने से मोड़कर उसे ऊपर उठायें और दायें पैर को अपने बायें घुटने पर टिकाए।
  • इस स्थिति में, आपकी हथेलियाँ नीचे की ओर होनी चाहिए ताकि वे आपको अतिरिक्त सहायता दें।
  • उसके बाद, साँस ले; अपने पैरों को घुटनों से थोड़ा ऊपर लाएं। सुनिश्चित करें कि पैर और घुटने स्टैक्ड हैं।
  • इस स्थिति में, आपके घुटने कूल्हे के स्तर पर होने चाहिए, और एड़ी नितंबों से एक फुट दूर होनी चाहिए।
  • फिर, साँस छोड़ते हुए धीरे-धीरे अपने दायें कूल्हे को उठाते हुए, अपनी पीठ को बाईं ओर मोड़ ले और उसे अपने दायें घुटने के नीचे की ओर जाने दें। ऐसा करते वक्त आपके दोनो हाथ जमीन पर टिके रहने चाहिए।  
  • अब, धीरे-धीरे अपने सिर को अपने दाईं ओर मोड़ें।
  • इस आसन के दौरान, श्वास सामान्य होना चाहिए।
  • मुद्रा को जारी करने के लिए, कोशिश करें कि आपका दांया घुटना पूरी तरह से शरीर के बायीं तरफ टिक सके।
  • अब आप Supta Matsyendrasana योग मुद्रा में है और इस मुद्रा को लगभग 30 से 60 सेकंड तक बनाए रखें।
  • आगे धीरे-धीरे अपने सिर को फिर से घुमाएं और अपने धड़ और पैरों को सीधा करें।
  • फिर इस विधि को अपनी बाईं ओर भी दोहराएं।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन के फायदे और लाभ [Benefits Of Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

यहाँ बताये गये लाभों को प्राप्त करने के लिए इस योग का रोजाना अभ्यास करें, आपको बेहतर परिणाम मिलेंगे, तो आइये जानते है सुप्त मत्स्येन्द्रासन के फायदे क्या है।

  • यह पेट के अंगों के कामकाज के साथ-साथ पूर्ण रूप से डिटॉक्स करता है और उन्हें सुधारता है।
  • इसे करने से शरीर के अंगों की अच्छी तरह से मालिश हो जाती है।
  • यह आपके कंधों, छाती, मध्य रीढ़, कूल्हों, पीठ के निचले हिस्से और ऊपरी पीठ को एक अच्छा खिंचाव देता है।
  • सुप्त मत्स्येन्द्रासन पेट के अंगों के समुचित कार्य के साथ पाचन में सुधार करता है जो कब्ज को कम करने में मदद करता है।
  • यह आसन पीठ के निचले हिस्से में अकड़न को भी कम करता है और इसे खोलने में मदद करता है।
  • यह मन को शांत रखने के साथ-साथ शरीर की थकान को कम करने के लिए एक बेहतरीन उपाय है।
  • नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करने से आपके कूल्हों, कमर, जांघों के आस-पास की चर्बी को जलाने में मदद मिलती है और इस प्रकार से उन्हें टोनिंग भी मिलती है।
  • यह धड़ में रक्त परिसंचरण को भी बढ़ाता है और आपके तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ बनाता है।
  • यह रीढ़ को लंबा करना और रीढ़ के निचले और मध्य भाग को मोड़ना सुनिश्चित करता है, रीढ़ की गतिशीलता में सुधार करता है जिससे रीढ़ से संबंधित बीमारियों को कम किया जा सकता है।
  • Supta Matsyendrasana एक महान प्रारंभिक मुद्रा के रूप में कार्य करता है आप इसे अन्य योग करने से पहले भी कर सकते है।

(यह भी पढ़े – उत्तानपादासन करने का तरीका और फायदे [Uttanapadasana (Raised Leg Pose) Steps And Benefits in Hindi])

सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का सही तरीका [Step By Step Instructions For Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने के बाद यह आसन करे [Perform This Asana After Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

आप अगर चाहे तो इस आसन को करने के बाद यहाँ निचे बताये गये योगासनों का अभ्यास भी कर सकते है-

सुप्त मत्स्येन्द्रासन करते समय क्या सावधानियां और एहतियात बरते [What Precautions Should Be Taken While Supta Matsyendrasana (Supine Spinal Twist Pose) in Hindi]:

सुप्त मत्स्येन्द्रासन कैसे करें, यह जानने के साथ-साथ इससे जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में जानना भी जरूरी है, आइए जानते हैं कि सुप्त मत्स्येन्द्रासन करते समय व्यक्ति को कौन सी सावधानियां और एहतियात बरतनी चाहिए-

जानकारों के अनुसार, यह आसन सबसे अच्छा तब माना जाता है जब योगी इसका सुबह जल्दी अभ्यास करता हैं। भोजन को पचाने के साथ-साथ शरीर को आसन करने की ऊर्जा भी प्राप्त होती है। किसी कारण के कारण, अगर आप इसका अभ्यास सुबह नहीं कर पाते है, तो आप इस आसन का अभ्यास शाम को भी कर सकते हैं। लेकिन अपने अभ्यास और भोजन के बीच कम से कम 3-5 घंटे का अंतर रखें।

  • यदि आपको किसी आंतरिक अंग या हाल ही में कोई सर्जरी और आपके घुटनों, कूल्हों या पीठ की चोट लगी है, तो सुप्त मत्स्येन्द्रासन का अभ्यास न करें।
  • अगर आपको रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट है तो इस आसन से बचें।
  • सुप्त मत्स्येन्द्रासन योग के अभ्यास के दौरान यदि आपको अपनी पीठ या घुटने में कोई दर्द महसूस होता है, तो धीरे-धीरे मुद्रा से बाहर आएं और आराम करें।
  • गर्भावस्था के मामले में, कूल्हों को घुमाते समय घुटने के नीचे कम्बल या तकिये का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि भ्रूण को आपके द्वारा बहुत अधिक दबाया न गया हो।

आशा है इन सभी गुणों को जान ने के बाद आपको कभी यह नहीं बोलना पड़ेगा की सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Supine Spinal Twist Pose / Supta Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) क्या होते है।

यह भी पढ़े –

उम्मीद है आपको हमारा यह लेख सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Supine Spinal Twist Pose / Supta Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) पसंद आया होगा ,अगर आपको भी सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Supine Spinal Twist Pose / Supta Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता है तो आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताये।

और अगर आपके घर परिवार में भी कोई सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Supine Spinal Twist Pose / Supta Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) के बारे में जानना चाहते है तो आप उन्हें भी यह लेख भेजे जिस से उन लोगो को भी सुप्त मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Supine Spinal Twist Pose / Supta Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता चलेगा।

हमसे जुड़े रहने के लिए आप हमारे साइट को सब्सक्राइब कर सकते है, जिस से आपको हमारे लेख सबसे पहले पढ़ने को मिलेंगे। वेबसाइट को सब्सक्राइब करने के लिए आप निचे दिए गए बेल्ल आइकॉन को प्रेस कर अल्लोव करे, अगर आपने हमे पहले से ही सब्सक्राइब कर रखा है तो आपको यह बार बार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

Leave a comment

error: Content is protected !!