शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे [Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi]

शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps and Benefits in Hindi) : क्या आपको पता है शीतकारी प्राणायाम करने का सही तरीका क्या है, अगर नहीं तो यहाँ हमने विस्तार में बताया है की शीतकारी प्राणायाम कैसे करे और इसके फायदे क्या होते है।    

इसी लिए आज हम आपके लिए यह लेख लाये है, जिसे पढ़ने के बाद आपको यह ज्ञान हो जाएगा की शीतकारी प्राणायाम कैसे करते है और शीतकारी प्राणायाम के फायदे क्या होते है, तो चलिए शुरू करते है।

शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps and Benefits in Hindi) :

शीतकारी प्राणायाम, जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है की, यह शरीर को ठंडक पहुचाने से संबंधित है। यह हमारे शरीर और मन को ठंडक प्रदान करता है। इसलिए इसे कूलिंग ब्रीथ भी कहा जाता है।

शीतली प्राणायाम इस प्राणायाम से भिन्न है एवं इनका प्रभाव बिल्कुल सामान्य है, और इसे आप अपनी जरूरत के अनुसार कभी भी कर सकते है। शीतली प्राणायाम की तरह शीतकारी प्राणायाम के बारे में भी प्राचीन और दुर्लभ योग ग्रंथों जैसे योग “कुंडलीपनिषद”, “हठ योग प्रदीपिका” और “घेरंड संहिता” में इसे प्रमुखता से वर्णित किया गया है।

यह भी कहा जाता है कि यह प्राणायाम अतिरिक्त गर्मी को दूर करने में महान है जो सिस्टम में जमा होता है। इस लेख में शीतकारी प्राणायाम करने का सही तरीका और इससे होने वाले फायदे एवम लाभो के साथ साथ इसे करने से पूर्व क्या क्या सावधानी रखनी चाहिए पर भी चर्चा की गयी है।

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बाबा रामदेव द्वारा बताया गया शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और विधि (Baba Ramdev Sheetkari Pranayama Step By Step in Hindi) :

शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और विधि (Sheetkari Pranayama Karne Ka Tarika Aur Vidhi in Hindi):

  1. शांति पूर्ण वातावरण में अपनी योग चटाई पर बेठे।
  2. फिर वज्रासन या पद्मासन स्थिति में बैठें। आप चाहें तो एक कुर्सी पर बैठ सकते हैं।
  3. पीठ को सीधे और ध्यान मुद्रा में घुटनों पर हाथो को रखें।
  4. दांतों को हल्के से एक साथ मिलाएं।
  5. दांतों के बीच की खाई के माध्यम से एक लंबी गहरी साँस लें और सांस को छोड़ने के अंत में, जँधना बंधन में ठोड़ी को छाती के पास लेवे और फिर कम से कम 5 सेकंड के लिए अपनी साँस रोकें।
  6. धीरे से चित को ऊपर उठाएं। अंगूठे की सहायता से दाईं नासिका को बंद करें और उज्जायी का उपयोग करते हुए, बाएं नासिका मार्ग से सांस को बहुत धीरे-धीरे छोड़ें। यहाँ शीतकारी प्राणायाम का एक चक्र पूरा होता है।
  7. इसे कम से कम 5 बार दोहराएं।

शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे - Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi
शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi)

शीतकारी प्राणायाम करने के फायदे और लाभ (Sheetkari Pranayama Ke Fayde in Hindi):

  • यह रक्तचाप को कम करने में मदद करता है।
  • इसके अभ्यास से आप अपने ब्लड प्रेशर को भी काबू में कर सकते है।
  • शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास करने से आप अपनी भूख और प्यास पर काबू पा सकते है।
  • यह अनिद्रा के मामले में मदद करता है।
  • शीतकारी प्राणायाम सम्पूर्ण शरीर को आराम पहुचाता है।
  • यह शरीर की प्राण छमता को बढ़ाने में मदद करता है।
  • यह दिमाग को शांत रखता है और तनाव, चिंता और गुस्से से निपटने में सहायता करता है।
  • यह शरीर, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को ठंडा करता है।
  • शीतकारी प्राणायाम से दांत और मसूड़े स्वस्थ रहते है।

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शीतकारी प्राणायाम करने के पूर्व कुछ सावधानिया (Sheetkari Pranayama Me Kya Savdhani Barte in Hindi):

  • अत्यधिक ठंड में इसका अभ्यास न करें।
  • पुरानी कब्ज के मामले में, इसका अभ्यास न करे।
  • आप आप एक हार्ट पेशेंट है या आपका BP लो है, तो आपको यह करने से पूर्व अपने चिकित्सक की सलाह लेना अनिवार्य है।
  • दमा, खांसी और सर्दी के रोगियों को यह नहीं करना चाहिए।
  • अगर आपके दांतों में दर्द हो तब इसका अभ्यास न करे।  

आशा है इन सभी गुणों को जान ने के बाद आपको कभी यह नहीं बोलना पड़ेगा की शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi) क्या होते है।

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उम्मीद है आपको हमारा यह लेख शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi) पसंद आया होगा ,अगर आपको भी शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता है तो आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताये।

और अगर आपके घर परिवार में भी कोई शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi) के बारे में जानना चाहते है तो आप उन्हें भी यह लेख भेजे जिस से उन लोगो को भी शीतकारी प्राणायाम करने का तरीका और फायदे (Sheetkari Pranayama Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता चलेगा।

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