डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम [8 Effective Pranayama or Yoga for Depression in Hindi]

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डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम (Pranayama or Yoga for Depression in Hindi) : आजकल हर कोई व्यक्ति काम में इतना व्यस्त है कि उनका खुद के लिए भी समय निकालना मुश्किल हो गया है। जिसके कारण शारीरिक और मानसिक दोनों समस्याए बढ़ने लगी है इन समस्याओं के कारण व्यक्ति अवसाद डिप्रेशन और तनाव का शिकार हो जाता है। हर किसी व्यक्ति के जीवन में कुछ न कुछ समस्याएं होती हैं।

इसके चलते वो सब लोग उदास होते हैं और धीरे-धीरे इन परेशानियों को पीछे छोड़कर आगे भी बढ़ जाते हैं, और कुछ लोग इन परेशानियों को अपने ऊपर इतना हावी कर लेते हैं या इनसे पीछा नहीं छुटा पाते हैं जिसके कारण व्यक्ति में अनेक मनोविकार पैदा होने लगते हैं। वे लोग हमेशा अशांत एवं अस्थिर रहते है, और वे धीरे-धीरे अवसाद डिप्रेशन में चले जाते हैं।

शुरुआत में तो व्यक्ति को खुद को पता नहीं लगता है कि वह अवसाद की चपेट में आ चुका है, या वह किस समस्या का सामना कर रहा है। मनोविज्ञान में डिप्रेशन का संबंध में मन की भावनाओं से जुड़े दुखों से समझा जाता है। इसे एक रोग या सिंड्रोम का रूप माना जाता है।

डिप्रेशन में आने के बाद व्यक्ति में कई अंतर दिखाई देने लगते हैं, वह चिड़चिड़ापन, गुस्सा आदि ज्यादा महसूस करने लगता हैं, और लोगों से दूरी बनाने लगता है और अकेले रहने लगता हैं। अवसाद को एक गंभीर मेडिकल समस्या समझा जाता है।

अगर इसका सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह खतरनाक भी हो सकता है। इसके अलावा डिप्रेशन का सही समय पर ट्रीटमेंट लेने से कुछ ही हफ्तों में इससे राहत महसूस होते हुए भी देखा गया है।

ऐसी स्थिति में, अवसाद या डिप्रेशन से छुटकारा पाने का सबसे अच्छा और आसान तरीका योग करना है। डिप्रेशन के लिए योग इस लेख में आप जानेगें की वो कौन-कौनसें योगासन हैं, जो आपको इस समस्या से राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते है।

यह लेख अवसाद या डिप्रेशन दूर करने के लिए योग की जानकारी लेकर आया है, जिसे अपने दिनचर्या में शामिल कर डिप्रेशन मुक्त रह सकते हैं। यहां हम आपके लिये ऐसे योगासन लेकर आए हैं, जो न सिर्फ करने में आसान हैं, बल्कि डिप्रेशन को जड़ से मिटा सकते हैं।

विषय सूची :

डिप्रेशन के लिए योग कैसे मदद करता है? [How Yoga Helps in Depression in Hindi]:

जब आप योग करते हैं, तो आप अपने शरीर पर ध्यान देते हैं। यह आपको संपूर्ण और खुद से जुड़ा हुआ महसूस कराता है। योग समर्थन, सांत्वना और मोजुदा पल में जीने की क्षमता प्रदान करता है।

योग का यह अनोखा लाभ हमारे मन-शरीर को आपस में एक साथ जोड़ता है, जो हमे डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है। यह बिना किसी दुष्प्रभाव के समग्र और लंबे समय तक चलने वाला है लाभ प्रदान करता है।

योग आपके मूड को आनंदमय करने और डिप्रेशन को दूर रखने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है। योग मस्तिष्क के रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है और मूड को बढ़ाने वाले हार्मोन के उत्पादन को सक्षम करता है।

योग के अभ्यास का कोई प्रतिकूल दुष्प्रभाव नहीं है, जो इसे डिप्रेशन के लिए अन्य दवाओं की तुलना में बेहतर विकल्प बनाता है। डिप्रेशन से लड़ने के यहाँ निचे हमने कुछ योग मुद्राए बताई हैं। महत्वपूर्ण परिवर्तनों को नोटिस करने और बेहतर परिणामो को पाने के लिए आप इन योग को कम से कम 12 सप्ताह तक जरुर आज़माएं।

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम कौन–कौन से है (Pranayama or Yoga for Depression in Hindi):

1. बालासन योग [Balasana (Child Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में बालासन योग कैसे लाभदायक है (How Balasana Yoga is beneficial in yoga for depression in Hindi):

बालासन आपके मस्तिष्क को शांत करने में मदद करता है और डिप्रेशन और चिंता से छुटकारा दिलाता है। यह आपके निचले हिस्से और कूल्हों को धीरे-धीरे फैलाता है, जिससे आपके शरीर को आराम मिलता है। जिससे आपके शरीर में शांति और सिर्फ शांति आपके पूरे अस्तित्व पर हावी होने लगती है, जिससे आप अपने डिप्रेशन से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में बालासन योग कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Balasana (Child Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. बालासन की मुद्रा करने के लिए अपनी योग चटाई पर बैठें।
  2. वज्रासन में अपने घुटनों के बल बैठ जाएं। इस मुद्रा में, अपने हाथो को जांघों पर रखे।
  3. अपने पैरों के दोनों घुटनों को एक दूसरे से या थोड़ी दूरी पर एक-दूसरे से चिपका कर रखें और कमर को बिल्कुल सीधा रखें।
  4. अब सांस लें, दोनों हाथों को सीधे सिर से ऊपर उठाएं। हथेलियों को न जोड़ें।
  5. अब सांस छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें। ध्यान रखें कि कूल्हे के जोड़ों को झुकाना है, कमर के जोड़ों को नहीं।
  6. जब तक आपकी हथेलियां जमीन को न छुएं तब तक आगे झुकते रहें।
  7. अब सिर को जमीन पर ले जाएं।
  8. अब आप जिस मुद्रा में है वह बालासन की मुद्रा हैं, अब पूरे शरीर को रिलैक्स करने दे और फिर एक गहरी सांस लें और उसे छोड़े।
  9. दोनों हाथों की उंगलियां कसकर जोड़ ले। आपको उनके बीच में अपना सिर रखकर उनका सहारा देना होगा।
  10. अब सिर को धीरे-धीरे दोनों हथेलियों के बीच में रखें एवम अपनी सांस को सामान्य रखें।
  11. अब आप 1 से 5 मिनट तक बालासन की मुद्रा में रह सकते है।
  12. इस आसान से बाहर निकलने के लिए, सबसे पहले, अपनी हथेलियों को कंधे के नीचे लाएं और धीरे-धीरे अपने ऊपरी शरीर को उठाएं और पिछली स्थिति में वापस आ जाएं और आराम से सांस लें। इन सभी क्रियाओं को आराम से करें।

(यह भी पढ़े – कोलेस्ट्रॉल क्या है, कितना होना चाहिए और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से क्या होता है? (What is Cholesterol Normal Range in Hindi))

2. हलासन योग [Halasana Yoga (Plow Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में हलासन योग कैसे लाभदायक है (How Halasana Yoga is beneficial in yoga for depression in Hindi):

हलासन आपकी पीठ पर खिंचाव को कम करता है और आपकी मुद्रा को बढ़ाता है। यह आपके मस्तिष्क को शांत करता है। यह तंत्रिका तंत्र को शांत करता है, तनाव और थकान को कम करता है। थायरॉयड ग्रंथि को उत्तेजित करता है, जिससे आपके मूड और ऊर्जा के स्तर में सुधार होता है। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में हलासन योग कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Halasana Yoga (Plow Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. सबसे पहले, स्वच्छ वातावरण में एक योग चटाई बिछा लें और उस पर सीधे लेट जाएँ।
  2. अपनी भुजाओं को शरीर से सटा कर अपने बगल में जमीं पर लिका कर रखें लें।
  3. हाथो की हथेलियों की दिशा निचे जमीन की ओर कर के रखें।
  4. श्वास अंदर लेते हुए पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर की ओर उठाएं।
  5. यदि पैरों को उठाने में कठिनाई होती है, तो आप हाथों से कमर को सहारा दे सकते हैं।
  6. ध्यान रखे की पांव मुड़े हुये ना हों।
  7. सांस को धीरे धीरे अन्दर लें और धीरे धीरे सांस छोड़े और सुनिश्चित करें कि आपका संतुलन सही है।
  8. अब धीरे से सांस छोड़ते हुए पैरों को सीधा रखते हुए, धीरे-धीरे सिर के उपर से होते हुए पीछे की ओर ले जाएं।
  9. इस स्धिती में पैर के अंगूठे से जमीन को छूने की कोशिश करें।
  10. अब अपने हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर सीधा रखें।
  11. हाथो की हथेलियों की दिशा निचे जमीन की ओर रहेंगी।
  12. सामान्य गति से सांस लेते रहें और जितना संभव हो हलासन योग मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें।
  13. कुछ समय इस मुद्रा में रहने के बाद वापस सांस लेते हुए धीरे-धीरे प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
  14. आप अपनी क्षमता के अनुसार इस योगासन को 3 से 5 बार कर सकते हैं।

3. शवासन योग [Savasana Yoga (Corpse Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में शवासन योग कैसे लाभदायक है (How Savasana Yoga is beneficial in yoga for depression in Hindi):

शवासन आपको फिर से जीवंत करता है और आपके शरीर को आराम दिलाने में मदद करता है। यह रक्तचाप को भी कम करता है और वात दोष को कम करने में मदद करता है। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में शवासन योग कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Savasana Yoga (Corpse Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. शवासन योग में, बस लेटना होता है। एक कुरसी या चटाई बिछाकर अपनी पीठ के बल लेट जाएँ। जरूरत पड़ने पर अपनी गर्दन के नीचे एक छोटा तकिया रखें। अपनी आँखें बंद करें।
  2. दोनों हाथों को शरीर से कम से कम 4-5 इंच दूर रखें।
  3. अपने पैरों को आराम से फैलाएं, दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी रखें। दोनों पैरों की अंगुलियां एक दूसरे के विपरीत होनी चाहिए।
  4. हथेलियों को आकाश की ओर रखें और अपने हाथों को शरीर के साथ रखें लेकिन अपने शरीर को न छुएं।
  5. अपना ध्यान धीरे-धीरे शरीर के हर हिस्से पर लगा लें और अपने पूरे शरीर को आराम दें, एवम सम्पूर्ण शरीर को ढीला छोड़ दें।
  6. अपनी आँखें बंद करें। अब थोड़ी सांस लें। धीमी और गहरी सांस लें और हर सांस का आनंद ले। अपने मन में उत्पन्न होने वाली उत्तेजना, जल्दबाजी या किसी भी बात पर ध्यान न दें। बस अपने तन और मन के साथ रहें। अपने पूरे शरीर को पृथ्वी पर समर्पित करें और आराम करें। इस बात का ध्यान रखें कि इस आसन को करते समय आपको नींद न आ जाए।
  7. अब अपना सारा ध्यान अपनी सांसों पर केंद्रित करें।
  8. कम से कम 5 से 10 मिनट के लिए इसी स्थिति में रहें फिर जब आप पूर्णता का अनुभव करते हैं, तो आप धीरे-धीरे अपनी आँखें खोल सकते हैं।
  9. अब उठो और अपने दाहिने हाथ के सहयोग से बैठ जाए।
  10. इस मुद्रा के अंत में सांस लेने पर ध्यान दें। अपने हाथों और पैरों की उंगलियों को हल्के से हिलाना शुरू करें, फिर अपनी कलियों को घुमाएं। अब अपने हाथ ऊपर उठाएं और अपने सम्पूर्ण शरीर को खिचाव या स्ट्रेचिंग दे और धीरे-धीरे उठकर आलथी-पालथी मार कर बैठ जाएं।

(यह भी पढ़े – नॉर्मल डिलीवरी के लिए योग – Normal Delivery Ke Liye Yoga (10 Effective Yoga for Normal Delivery in Hindi))

4. उत्तानासन योग [Uttanasana Yoga (Standing Forward Fold Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में उत्तानासन योग कैसे लाभदायक है (How Uttanasana Yoga is beneficial in yoga for depression in Hindi):

उत्तानासन आपकी पीठ, कंधों और गर्दन में तनाव से राहत पाने में मदद करता है और आपके तंत्रिका तंत्र के कामकाज में सुधार करता है। यह आपको शांत करता है और चिंता को कम करता है। और यह रक्त परिसंचरण में भी सुधार करता है। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में उत्तानासन योग कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Uttanasana Yoga (Standing Forward Fold Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. सबसे पहले अपने पैरों से ताड़ासन में सीधे खड़े हो जाएं। फिर एक गहरी साँस ले, और अपनी बाहों को ऊपर की ओर बढ़ाएं।
  2. अपने धड़ को लंबा करते हुए 90 डिग्री के कोण पर थोड़ा आगे झुकते हुए साँस छोड़ें।
  3. अब अपनी हथेलियों को जमीन से टिकाएं और अपने हाथों से पैरों को स्पर्श करें।
  4. इसके बाद अपने धड़ को इस तरह मोड़ें कि आपका धड़ और छाती आपकी जांघों को छुए।
  5. अब 50-60 सेकंड के लिए इस मुद्रा में रहे फिर सीधे खड़े हो जाये।

5. अधोमुखश्वानासन योग [Adho Mukha Svanasana Yoga (Downward-facing Dog Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में अधोमुखश्वानासन योग कैसे लाभदायक है (How Adho Mukha Svanasana Yoga is beneficial in yoga for depression in Hindi):

अधोमुखश्वानासन योग का नियमित अभ्यास मन को शांत करता है और सिरदर्द, अनिद्रा और थकान से राहत देता है। यह शरीर की मांसपेशियों को टोन करता है और वजन घटाने में मदद करता है। इसका अभ्यास करने का एक और लाभ यह है कि यह मस्तिष्क का परिसंचरण बढ़ाता है। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में अधोमुखश्वानासन योग कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Adho Mukha Svanasana Yoga (Downward-facing Dog Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. सबसे एक योग मैट लेकर उस पर खड़े हो जाएँ।
  2. अब अपने पेरों को सीधा रखते हुए दोनों हाथों को आगे करते हुए नीचे जमीन की ओर झुक जाएँ।
  3. इस स्थति में आपका शरीर एक मेज की आकृति के समान दिखाई देगा।
  4. अब धीरे- धीरे आपनी साँस को बाहर निकालते हुए कूल्हों या नितम्बो (हिप्स) को ऊपर छत की ओर उठाना है।
  5. आपको जितना हो सके उतना अपने हाथों और पारो को सीधा रखना है और अपने सिर को सीधे नीचे की और रखना है।
  6. यह आसान करते हुए आपको यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि शरीर उल्टे “V” आकृति के समान बनता हो।
  7. अब आपको अपनी हथेलियों को जमीन पर सीधा रखते हुए और कंधों से दूर रखते हुए, अपने पैरों को हथेलियों के समानांतर रखना है।
  8. इसके बाद, आप अपने दोनों हाथों को एक साथ जमीन में दबाते हुए गर्दन को लंबा खींचने की कोशिश करें।
  9. ध्यान रखे की आपके कान आपकी बाहों के अंदरुनी हिस्से को स्पर्स करते हों।
  10. कूल्हों को जितना संभव हो ऊपर की ओर उठाएं।
  11. अपनी आंखों को नाभि पर केंद्रित करने का प्रयास करें।
  12. अब धीरे- धीरे गहरी सांस लेते हुए कुछ सेकंड तक इस स्थिति में रहें और फिर अपने घुटनों को मोड़कर वापस मेज की स्थिति में लौटें। आपको इस क्रिया को 1 मिनट तक दोहराना है।

(यह भी पढ़े – त्राटक मेडिटेशन कैसे करे और फायदे (10 Effective Benefits Of Tratak Meditation in Hindi))

6. सेतु बंधासन योग [Setu Bandhasana Yoga (Bridge Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में सेतु बंधासन योग कैसे लाभदायक है (How Setu Bandhasana Yoga is beneficial in yoga for depression in Hindi):

सेतु बंधासन योग आपके मस्तिष्क को शांत करता है, चिंता और डिप्रेशन को कम करता है। यह फेफड़ों को खोलता है और थायराइड की समस्याओं को कम करता है, जिससे मूड स्विंग और डिप्रेशन खत्म होता है। यह आसन आपकी पीठ की मांसपेशियों को भी मजबूत करता है और थकी हुई पीठ को राहत देता है। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में सेतु बंधासन योग कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Setu Bandhasana Yoga (Bridge Pose) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. सेतु बंधासन करने के लिये सबसे पहले एक योग चटाई बिछाकर अपनी पीठ के बल लेट जाएं।
  2. अपने घुटनों को मोड़ें।
  3. घुटनों और पैरों को सीधी रेखा में रखते हुए दोनों पैरों को एक-दूसरे से थोड़ा गैप रखते हुए फैलाएं।
  4. हाथों को शरीर से सटाकर रखें और हाथों की हथिलियो को जमीन पर सटा कर रखे।
  5. धीरे-धीरे साँस लेते हुए, अपनी पीठ के निचले, मध्य और ऊपरी हिस्सों को धीरे से जमीन से ऊपर उठाएं।
  6. धीरे-धीरे अपने कंधों को अंदर की ओर ले जाएं।
  7. अपनी ठोड़ी को हिलाए बिना, अपनी ठोड़ी के साथ अपनी छाती लगाएं और अपने वजन के साथ अपने कंधों, हाथों और पैरों का समर्थन करें। इस दौरान निचले शरीर को स्थिर रखें और ध्यान रहे की इस दौरान दोनों जांघें एक साथ रहेंगी।
  8. यदि आप चाहें तो इस समय के दौरान, आप अपने ऊपरी शरीर को जमीन पर हाथों से दबाकर उठा सकते हैं। आप अपने हाथों से अपनी कमर का सहारा भी ले सकते हैं।
  9. साँस छोड़ते हुए आसन को 1-2 मिनट तक करें फिर आसन को समाप्त करे।

(यह भी पढ़े – विपश्यना मैडिटेशन कैसे करे और फायदे (What is Vipassana Meditation in Hindi))

7. भ्रामरी प्राणायाम [Bhramari Pranayama (Humming Bee Breathing Excercise) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में भ्रामरी प्राणायाम कैसे लाभदायक है (How Bhramari Pranayama is beneficial in yoga for depression in Hindi):

भ्रामरी प्राणायाम उत्तेजित मन को शांत करने में मदद करता है और इसके नियमित अभ्यास से स्मृति तेज होती है और यह हमारे मन में आत्मविश्वास भी पैदा करता है। सभी प्रकार के प्राणायाम और साँस लेने की तकनीक प्राणिक ब्लॉकों को हटाने और शरीर में प्राण के परिसंचरण में सुधार करने में मदद करती है। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में भ्रामरी प्राणायाम कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Bhramari Pranayama (Humming Bee Breathing Excercise) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. किसी भी जगह एक शांत वातावरण में, जहां पर अच्छी हवा आती जाती हो ध्यान करने के किसी भी सुविधाजनक आसन में बैठें और अपनी आँखें बंद कर लें।
  2. अब कुछ समय के लिए अपनी आँखें बंद रखें।
  3. शरीर में संवेदनाएं और आंतरिक शांति पर ध्यान केन्द्रित करें।
  4. अपनी तर्जनी या मध्यमा उंगली (Middle Finger) को अपने कानों पर रखें।
  5. आपके गाल और कान के बीच एक कार्टिलेज है, अपनी तर्जनी को कार्टिलेज पर रखें।
  6. गहरी सांस अंदर लेते हुए और धिरे-धिरे सांस छोड़ें और धीरे से कार्टिलेज को दबाएं।
  7. अब आप मधुमक्खी की तरह तेज गुनगुना आवाज (Humming Sound) करते हुए कार्टिलेज को दबाए रख सकते हैं या उसे अपनी उंगलियों से अंदर-बाहर कर सकते हैं।
  8. चाहे तो आप कम आवाज़ वाली आवाज़ भी कर सकते हैं लेकिन बेहतर नतीजों के लिए ऊंची पिच बनाना अच्छा होता है।
  9. फिर से गहरी सांस लेते रहे एवम एक ही पैटर्न 3-4 बार जारी रखें।

8. नाड़ी शोधन प्राणायाम [Nadi Shodhan Pranayama (Alternate Nostril Breathing Technique) Yoga For Depression in Hindi]:

डिप्रेशन के लिए योगा में नाड़ी शोधन प्राणायाम कैसे लाभदायक है (How Nadi Shodhan Pranayama is beneficial in yoga for depression in Hindi):

यह अतीत और भविष्य के अवांछित विचारों को त्यागकर, मन को वर्तमान में लाने में मदद करता है। प्राण के सुचारु प्रवाह को सुनिश्चित करते हुए, नाड़ियों – ऊर्जा चैनलों को शुद्ध करने में मदद करता है। संचित तनाव को मन से त्याग ने में मदद करता है, और डिप्रेशन को दूर करता है। तो आइये जानते है की डिप्रेशन के लिए योगा में नाड़ी शोधन प्राणायाम कैसे करें:

डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम - Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam - Pranayama or Yoga for Depression in Hindi
डिप्रेशन के लिए योग और प्राणायाम – Depression Ke Liye Yoga Aur Pranayam – Pranayama or Yoga for Depression in Hindi

कैसे करें [Steps To Do Nadi Shodhan Pranayama (Alternate Nostril Breathing Technique) Yoga For Depression in Hindi]:

  1. सबसे पहले अपने रीढ़ की हड्डी और कंधों को सीधा करते हुए आराम से ध्यान की अवस्था में बैठें।
  2. अपने बाएं हाथ को बाएं घुटने पर रखें और दाहिने हाथ की अंगुलियों को मुंह के सामने लाएं।
  3. तर्जनी उंगली या (इंडेक्स फिंगर) और मिडिल फिंगर को धीरे-धीरे माथे के बीच रखें। दोनों अंगुलियों पर ज्यादा दबाव न रखें, अंगुलियों को आराम से रखें।
  4. अनामिका और छोटी उंगली को बाएं नथुने और अंगूठे को दाईं नासिका के बीच रखें। हम दायें नथुने के लिए बायीं नासिका और अंगूठे को खोलने या बंद करने के लिए अनामिका और छोटी उंगली का उपयोग करेंगे।
  5. अपने अंगूठे को दाएं नथुने पर दबाएं और बाएं नथुने से धीरे से सांस छोड़ें।
  6. अब बाईं नासिका से सांस लें और फिर अनामिका और छोटी उंगली से बाईं नासिका को धीरे से दबाएं। दाहिने नथुने से दाहिने अंगूठे को हटाते हुए, दाईं ओर से सांस लें।
  7. दोनों नथुनों से बारी-बारी से सांस लेते रहे, और प्रत्येक साँस छोड़ने के बाद, उसी नथुने से साँस लेना याद रखें जिसमें से आपने साँस छोड़ी थी। अपनी आँखें बंद रखें और बिना किसी बल या प्रयास के लंबी, गहरी साँसें लेते रहें।
  8. आप अपनी छोटी उंगलीयो को अंदर की ओर मोड़ सकते हैं।
  9. इस एक्सरसाइज को आप 30 मिनट तक करें।

(यह भी पढ़े – जानिए मैडिटेशन के फायदे हिंदी में (11 Amazing Benefits Of Meditation in Hindi))

डिप्रेशन के लिए योग करते समय बरती जाने वाली सावधानियां (Precautions To Be Taken While Doing Yoga For Depression in Hindi):

योग के बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ होते हैं, परन्तु जब आप योग का अभ्यास करना शुरू करते हैं तब आपको सावधान रहना चाहिए, खासकर यदि आप योग में एक नौसिखिया हैं। हालांकि यह एक उच्च-तीव्रता या उच्च-प्रभाव वाला व्यायाम नहीं हो सकता है, इसके लिए बहुत अधिक लचीलेपन की आवश्यकता होती है।

जब आप योग करते हैं तो आपके शरीर के सभी जोड़ों और मांसपेशियों पर काम किया जाता है, इसलिए यदि आपको योग करने की आदत नहीं है, तो दर्द और ऐंठन से सावधान रहें! अवसाद / डिप्रेशन के लिए योग का उपयोग करते समय आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए, जो यहाँ निचे दर्शायी गयी है।

1. हमेशा योग मैट का उपयोग करें: यह सभी आसनों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जिसमें आपको फर्श पर बैठने की आवश्यकता होती है। यदि आप योग चटाई नहीं खरीदना चाहते हैं, तो आप मोटे कंबल या कालीन पर वर्क-आउट कर सकते हैं। बस सुनिश्चित करें कि यह दृढ़ता से एक जगह टिका हो ताकि यह स्थानांतरित न हो (फिसलने और गिरने से रोकने के लिए)।

2. स्ट्रेचेबल कपड़े पहने: योग करते समय विशेषकर योग पैंट का उपयोग करें। योग आपके शरीर के लचीलेपन को बेहतर बनाने में आपकी मदद करेगा। लेकिन अगर आपके कपड़े तंग होंगे, तो आप झुक और मुड़ नहीं सकते हैं!

3. हमेशा अपने शरीर को सुनो: यदि आप एक आसन पूरी तरह से करने में असमर्थ हैं, तो अपने आप को जबरदस्ती न धकेले। यह विचार है कि पहले अपनी मांसपेशियों और शरीर को एक निश्चित तरीके से हर दिन अभ्यास करके, झुकने, खींचने की आदत डालें और फिर धीरे-धीरे अपने आप को सही मुद्रा प्राप्त करने की ओर धकेलें।

4. मधुर संगीत का उपयोग करें: योग केवल आपके शारीरिक आत्म पर ध्यान केंद्रित करने के लिए नहीं है, बल्कि आपके मानसिक और भावनात्मक आत्म पर भी है। मधुर संगीत का उपयोग करने से आपको योग में मन लगेगा। जप का संगीत भी एक अच्छा विकल्प है।

5. योग सत्र से पहले भारी कसरत न करें: जबकि यह किसी भी तरह की कसरत के लिए सही है, योग करते समय यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि बहुत सारे आसन आपके पेट पर दबाव डालेंगे। पूर्ण पेट पर उन्हें करने का प्रयास करने से ऐंठन, मतली और उल्टी आदि भी हो सकता है।

6. पानी पीना न भूलें: योग भले ही आपको ‘पसीना’ न दे, लेकिन फिर भी आपके शरीर को हाइड्रेट रखना महत्वपूर्ण है। सबसे अच्छी टिप जिसे आप यहाँ अपना सकते हैं: हर आसन के बाद दो घूँट पानी पीना।

हमेशा योग के आसन पहले करते हैं, फिर प्राणायाम, और फिर ध्यान। इन क्रम को आपस में मिलाएं नहीं।

आशा है इन सभी योगासनों को जान ने के बाद आपको कभी यह नहीं बोलना पड़ेगा की अवसाद / डिप्रेशन के लिए योग (Pranayama Or Yoga for Depression in Hindi) क्या होते है।

यह भी पढ़े –

उम्मीद है आपको हमारा यह लेख अवसाद / डिप्रेशन के लिए योग (Pranayama Or Yoga for Depression in Hindi) पसंद आया होगा ,अगर आपको भी अवसाद / डिप्रेशन के लिए योग (Pranayama Or Yoga for Depression in Hindi) के बारे में पता है तो आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताये।

और अगर आपके घर परिवार में भी कोई अवसाद / डिप्रेशन के लिए योग (Pranayama Or Yoga for Depression in Hindi) के बारे में जानना चाहते है तो आप उन्हें भी यह लेख भेजे जिस से उन लोगो को भी अवसाद / डिप्रेशन के लिए योग (Pranayama Or Yoga for Depression in Hindi) के बारे में पता चलेगा।

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