बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे [Bahya Pranayama Steps and Benefits in Hindi]

बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे (Bahya Pranayama Steps and Benefits in Hindi) : क्या आपको पता है बाह्या प्राणायाम करने का सही तरीका क्या है, अगर नहीं तो यहाँ हमने विस्तार में बताया है की बाह्या प्राणायाम कैसे करे और इसके फायदे क्या होते है।    

इसी लिए आज हम आपके लिए यह लेख लाये है, जिसे पढ़ने के बाद आपको यह ज्ञान हो जाएगा की बाह्या प्राणायाम कैसे करते है और बाह्या प्राणायाम के फायदे क्या होते है, तो चलिए शुरू करते है।

बाह्या प्राणायाम क्या है? (What is Bahya Pranayama in Hindi):

बाह्या शब्द संस्कृत के शब्द बाह्या से बना है जिसका अर्थ बाहर होता है। बाह्या प्राणायाम उन महत्वपूर्ण श्वसन व्यायामों में से एक है, जिसमें आपको सांस अंदर लेना, सांस बाहर निकालना और फिर सांस छोड़ना करना होता है।

इसमें सांस को प्रक्रिया के दौरान बाहर रखा जाता है, इसीलिए इस प्राणायाम को बाह्या प्राणायाम नाम दिया गया है। बाह्या का अर्थ बाहर है और प्राणायाम का अर्थ है श्वास तकनीक या किर्या है। इस किर्या का श्वास अनुपात  1: 2: 3 होता है। 1: 2: 3 का अनुपात है जिसका अर्थ है कि 1 सेकंड में साँस लेना, 2 सेकंड में साँस बाहर छोड़ना और 3 सेकंड में सांस को रोकना है।

बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे - Bahya pranayama steps and benefits in Hindi
बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे (Bahya Pranayama Steps And Benefits in Hindi)

बाह्य प्राणायाम के फायदे और लाभ (Bahya Pranayama Ke Fayde Aur Labh in Hindi):

  1. सभी पेट की शिकायतों (जैसे कब्ज, एसिडिटी, गैस्ट्रिक समस्या, हर्निया) में यह मददगार होता है और यह उन्हें पूरी तरह से ठीक करने में मदद करता है।
  2. यह प्रजनन संबंधी अंगों की शिकायतों को ठीक करता है।
  3. मन की एकाग्रता में सुधार करता है।
  4. पाचन में सुधार करता है।
  5. मधुमेह के रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।
  6. मूत्र और शुक्राणु संबंधी समस्याओं को पूरी तरह से ठीक करता है।
  7. यह प्राणायाम शांति और आत्म ज्ञान प्राप्त करने के लिए बहुत उपयोगी है।

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बाह्य प्राणायाम करने से पहले सावधानियां (Bahya Pranayama Karne Se Pahle Kya Savdhaniya Barte in Hindi):

  • जिन लोगों को दिल या बीपी (ब्लड प्रेशर) की समस्या है, उन्हें यह प्राणायाम नहीं करनी चाहिए।
  • महिलाओं को अपनी मासिक अवधि में, और गर्भवती या गर्भवती बनने की योजना बनाने वाली महिलाओं को इसका अभ्यास करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
  • सभी प्राणायाम खाली पेट करना चाहिए।
  • पहले प्राणायाम की शुरुआत भस्त्रिका प्राणायाम से करें उसके बाद इस प्राणायाम या अन्य प्राणायाम का अभ्यास करे।

बाबा रामदेव द्वारा बताया गया बाह्या प्राणायाम करने का सही तरीका और विधि (Baba Ramdev Bahya Pranayama Step By Step Instructions in Hindi):

बाह्या प्राणायाम कैसे करे या विधि (Bahya Pranayama Karne Ka Tarika Aur Vidhi in Hindi):

  1. अपनी योग चटाई पर पद्मासन की मुद्रा में बैठें अपनी आँखें बंद करें और आपकी रीढ़ की हड्डी और सिर सीधा रखे।
  2. गहराई से श्वास लें।
  3. फिर पूरी तरह से साँस छोड़ें।
  4. साँस छोड़ने के बाद अपनी सांस को रोकें।
  5. जितना हो सके अपने पेट को ऊपर की ओर खींचने की कोशिश करें, नाभि के नीचे के क्षेत्र में मांसपेशियों को ऊपर खींचें।
  6. उसके बाद अपने सिर को नीचे की स्थिति में ले जाएं ताकि आपकी ठोड़ी आपकी छाती को छू सके।
  7. 5 से 10 सेकंड के लिए इस स्थिति में बने रहे।
  8. मान लें कि आपकी सभी नकारात्मकता आपके शरीर से निष्कासित हो रही है।
  9. फिर आराम करें और प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
  10. यदि आप गर्दन और पीठ में दर्द से पीड़ित हैं, तो अपने सिर को नीचे न ले जाएँ। बस सीधे देखते रहे।
  11. इस प्रक्रिया को 5 से 10 बार दोहराएं।

आशा है इन सभी गुणों को जान ने के बाद आपको कभी यह नहीं बोलना पड़ेगा की बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे (Bahya Pranayama Steps And Benefits in Hindi) क्या होते है।

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उम्मीद है आपको हमारा यह लेख बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे (Bahya Pranayama Steps And Benefits in Hindi) पसंद आया होगा ,अगर आपको भी बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे (Bahya Pranayama Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता है तो आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताये।

और अगर आपके घर परिवार में भी कोई बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे (Bahya Pranayama Steps And Benefits in Hindi) के बारे में जानना चाहते है तो आप उन्हें भी यह लेख भेजे जिस से उन लोगो को भी बाह्या प्राणायाम कैसे करे और फायदे (Bahya Pranayama Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता चलेगा।

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