अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे [Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) Steps And Benefits in Hindi]

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका, फायदे और सावधानियां – Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) Steps, Benefits And Precautions in Hindi : इस व्यस्त दुनिया में, लोगों के पास अपने शरीर को फिट रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है, इसलिए वे सही और स्वस्थ विकल्प की तलाश करते रहते हैं।

योग एक उत्कृष्ट और लाभकारी विकल्प है जो उस व्यक्ति के लिए अत्यधिक उपयुक्त है जो सुरक्षित तरीके से बहुत सारे स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करना चाहता है। योग किसी व्यक्ति को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखने में सहायक होता है।

योग और प्राणायाम के विषयों पर कई बार वैज्ञानिक शोध भी हुए हैं, जिनमें इन को लाभकारी पाया गया है। वैसे तो योग कई प्रकार के होते हैं लेकिन आज हम आपके लिए यह लेख लाये है, इस लेख में आप जानेगें की अर्ध मत्स्येन्द्रासन क्या है, अर्ध मत्स्येन्द्रासन कैसे करते है और अर्ध मत्स्येन्द्रासन के स्वास्थ्य लाभ एवं अर्ध मत्स्येन्द्रासन के फायदे क्या होते है और अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का सही तरीका क्या होता है, तो चलिए शुरू करते है।

Table Of Contents :

अर्ध मत्स्येन्द्रासन क्या है? [What is Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi] :

अर्ध मत्स्येन्द्रासन मुद्रा प्रमुख आसन हैं जिन्हें हठ योग में प्रभावी रूप से अभ्यास किया जाता है। इस आसन का नाम संस्कृत भाषा के चार शब्दों से मिलकर बना है – अर्ध+ मत्स्य+ इंद्र+ आसन

अर्ध – “आधा”

मत्स्य – “मछली”

इंद्र – “राजा या भगवान”

आसन – “मुद्रा”

इसे अंग्रेजी में हाफ लॉर्ड ऑफ़ द फिशेस पोज़ (Half Lord of the Fishes Pose) कहा जाता है। लेकिन इसे प्रभावी रूप से नवनाथ परंपरा के प्रसिद्ध गुरु द्वारा प्रचारित किया गया था, जिन्हें योगी मत्स्येंद्रनाथ के नाम से जाना जाता था।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana) का नाम योगी मत्स्येन्द्रनाथ के नाम पर मत्स्येन्द्रासन रखा गया है। इस आसन को वक्रासन भी कहा जाता है।

इस आसन में रीढ़ और पैर सहित लगभग पूरा शरीर शामिल रहता है। इसलिए स्वास्थ्य के लिहाज से यह शरीर के विभिन्न अंगों के लिए बहुत असरदार है, यह आपकी रीढ़ को उभारता है और पीठ दर्द से राहत दिलाने में मदद करता है।

इस आसन के नियमित अभ्यास से शरीर लचीला होता है, खासकर कूल्हे और रीढ़ की हड्डी लचीले होती हैं, यह आपके कूल्हों, कंधों और गर्दन को फैलाता है।

यह मुद्रा थकान को कम करने और आपके आंतरिक अंगों को उत्तेजित करने में मदद करता है।

यह सबसे अच्छा और प्रभावी आसन है, जो आपकी रीढ़ को बहुत सारे लाभ पहुंचाता है। जब आप इस योग मुद्रा को करते हैं, तो आपकी रीढ़ की पूरी लंबाई दोनों दिशाओं में पार्श्व मोड़ प्राप्त करती है।

इस आसन में अलग-अलग आंदोलनों को शामिल किया गया है जो आपके स्नायुबंधन और रीढ़ की हड्डी को टोन करता है, और आपके पाचन को बढ़ाता है। तो आइये जानते है अर्ध मत्स्येन्द्रासन कैसे करे।

(यह भी पढ़े – अधोमुखश्वानासन करने का तरीका और फायदे [Adho Mukha Svanasana (Downward-Facing Dog Pose) Steps and Benefits in Hindi])

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने से पहले यह आसन करें [You can Do This Aasan Before Doing Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi]

अगर आप चाहे तो आप अर्ध मत्स्येन्द्रासन योगासन करने से पहले यह आसान कर सकते है :

  • बद्ध कोणासन योग (Baddha Konasana or Bound Angle Pose)
  • भरद्वाजासन योग (Bharadvajasana)
  • सुप्त पादंगुष्ठासन योग (Supta Padangusthasana)
  • वीरासन योग (Virasana or Hero Pose)

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका [Right Technique To Do Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi]:

किसी भी आसन को करने के लिए आपको एक अच्छी जगह चुन नी चाहिए जहाँ आप योग का अभ्यास करने में बिल्कुल सहज महसूस करते हो, खुद को सहज महसूस करवाना योग का प्रारंभिक चरण है आइये जानते है अर्ध मत्स्येन्द्रासन कैसे करे

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे – Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) Steps and Benefits in Hindi
अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Half Lord of the Fishes Pose / Ardha Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi)

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने की विधि [How To Do Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi]:

  • एक योग चटाई बिछाकर दंडदान में बैठें जायें।
  • हल्के हाथों से जमीन को दबाते हुए सांस लें, और अपने शरीर को बाईं ओर मोड़ते हुए अपनी रीढ़ को लंबा करें।
  • बाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर को दाएं घुटने से ऊपर लाकर जमीन पर लाएं।
  • दाएं पैर को मोड़ें और पैर को आराम से बाएं कूल्हे के पास जमीन पर रखें।
  • दाएं हाथ को बाएं पैर के ऊपर लाएं और बाएं पैर के पंजे को पकड़ें।
  • साँस छोड़ते समय धड़ और गर्दन को जितना हो सके मोड़ें और अपने बाएं कंधे पर फोकस करें।
  • अपनी रीढ़ में मोड़ को गहरा करने के लिए अपने कूल्हों को चौकोर रखने की कोशिश करें।
  • बाएं हाथ को जमीन पर आराम दें और सामान्य रूप से साँस लें।
  • 30-60 सेकंड के लिए आसन में रहें एवं आसन से बाहर निकलने के लिए सभी चरणों को रिवर्स क्रम में करें।
  • इन सभी चरणों को दूसरी तरफ भी दोहराएं।

(यह भी पढ़े – उत्तानासन करने का तरीका और फायदे [Uttanasana (Standing Forward Bend Pose) Steps And Benefits in Hindi])

अर्ध मत्स्येन्द्रासन के फायदे और लाभ [Benefits Of Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi]:

अर्ध मत्स्येन्द्रासन एक आवश्यक योग मुद्रा है जो आपको बहुत सारे आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने में मदद करती है। यहाँ निचे हमने कुछ आवश्यक अर्ध मत्स्येन्द्रासन के फायदे बताये है, जिन्हें आप नही जानते होंगे।

  • यह आपके पेट को मजबूत और टोन करता है।
  • यह योग मुद्रा रीढ़ को उभारती है और फैलाती है।
  • यह योग आपके कंधों, कूल्हों और गर्दन को खोलने में मदद करती है।
  • इस योग से आप अपनी रीढ़ और कूल्हों में लचीलापन बढ़ा सकते है।
  • यह आपके आंतरिक अंगों को भी साफ करता है।
  • यह पाचन को सुधारने के साथ-साथ शरीर से गंदगी को भी खत्म करने में मदद करता है।
  • यह मुद्रा थकान, पीठ दर्द, कटिस्नायुशूल (सायटिका) और मासिक धर्म की परेशानी के लक्षणों से राहत देता है।
  • यह आपके प्लीहा, गुर्दे, फेफड़े, हृदय और लीवर को उत्तेजित करने में मदद कर सकता है।
  • यह मुद्रा आपके शरीर के ऊतकों और अंगों से अतिरिक्त विषाक्त पदार्थों और गर्मी को बाहर निकालती है।

बाबा रामदेव द्वारा बताया गया अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का सही तरीका [Baba Ramdev Step By Step Instructions For Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi]:

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने के बाद आसन [You Can Do This Aasan’s After Doing Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi]:

अत्यधिक लाभ के लिए आप इन योगासनों का अर्ध मत्स्येन्द्रासन के बाद अभ्यास कर सकते है:

  • पश्चिमोत्तानासन योग (Paschimottanasana)
  • जानुशीर्षासन योग (Janu Sirsasana)

(यह भी पढ़े – सुखासन करने का तरीका और फायदे [Sukhasana (Easy Pose) Steps And Benefits in Hindi])

अर्ध मत्स्येन्द्रासन करते समय क्या सावधानियां और एहतियात बरते [What Are The Precautions To Be Taken While Ardha Matsyendrasana (Half Lord of the Fishes Pose) in Hindi]:

अर्ध मत्स्येन्द्रासन कैसे करें, यह जानने के साथ-साथ इससे जुड़ी कुछ सावधानियों के बारे में जानना भी जरूरी है, आइए जानते हैं कि अर्ध मत्स्येन्द्रासन करते समय व्यक्ति को कौन सी सावधानियां और एहतियात बरतनी चाहिए-

  • इस योग को करते समय आपके पेट में शक्तिशाली मोड़ पड़ता है जिसके कारण मासिक धर्म और गर्भावस्था के दौरान इस योग से पूरी तरह बचना चाहिए।
  • पेट, मस्तिष्क या दिल की सर्जरी वाले व्यक्ति कभी भी इस योग मुद्रा या आसन का अभ्यास नहीं करना चाहिए।
  • हर्निया व पेप्टिक अल्सर वाले लोगों को यह आसान एक योगी की देखरेख में ही करना चाहिए।
  • यदि आप रीढ़ की हड्डी में गंभीर मोच से पीड़ित हैं, तो आप यह आसन ना करें।

आशा है इन सभी गुणों को जान ने के बाद आपको कभी यह नहीं बोलना पड़ेगा की अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Half Lord of the Fishes Pose / Ardha Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) क्या होते है।

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उम्मीद है आपको हमारा यह लेख अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Half Lord of the Fishes Pose / Ardha Matsyendrasana Yoga Steps And Benefits in Hindi) पसंद आया होगा ,अगर आपको भी अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Half Lord of the Fishes Pose / Ardha Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता है तो आप हमे कमेंट बॉक्स में लिख कर जरूर बताये।

और अगर आपके घर परिवार में भी कोई अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Half Lord of the Fishes Pose / Ardha Matsyendrasana Yoga Steps And Benefits in Hindi) के बारे में जानना चाहते है तो आप उन्हें भी यह लेख भेजे जिस से उन लोगो को भी अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने का तरीका और फायदे (Half Lord of the Fishes Pose / Ardha Matsyendrasana Steps And Benefits in Hindi) के बारे में पता चलेगा।

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